टीबी के अधिक प्रभावी उपचार के लिए विशिष्ट PET स्कैन
- ब्रिटेन और अमेरिका के शोधकर्ताओं ने पॉज़िट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (PET) का उपयोग करके टीबी की जांच करने का एक अधिक सटीक तरीका विकसित किया है।
मुख्य बिंदु:
- रेडियोट्रेसर रेडियोधर्मी यौगिक होते हैं जो विकिरण उत्सर्जित करते हैं, जिन्हें स्कैनर द्वारा पता लगाया जा सकता है तथा 3D छवि में परिवर्तित किया जा सकता है।
- नया रेडियोट्रेसर, जिसे FDT कहा जाता है, PET स्कैन का उपयोग पहली बार सटीक रूप से यह पता लगाने में सक्षम बनाता है कि रोगी के फेफड़ों में बीमारी कब और कहाँ सक्रिय है।
- शोधकर्ताओं ने नए रेडियोट्रेसर को व्यापक प्रीक्लिनिकल परीक्षणों से गुज़ारा है, जिसमें कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखा है और अब यह मनुष्यों में चरण-I परीक्षणों के लिए तैयार है। यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
- शोधकर्ताओं द्वारा विकसित नया तरीका अधिक विशिष्ट है, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट का उपयोग किया जाता है, जिसे केवल टीबी बैक्टीरिया द्वारा ही संसाधित किया जाता है।
- नए दृष्टिकोण का एक प्रमुख लाभ यह है कि इसके लिए अस्पताल को केवल मानक विकिरण नियंत्रण और PET स्कैनर की आवश्यकता होती है, जो पूरे विश्व में उपलब्ध होते जा रहे हैं।
- इसका मतलब यह है कि इसे विशेषज्ञ विशेषज्ञता या प्रयोगशालाओं के बिना उत्पादित किया जा सकता है और इसलिए यह कम विकसित स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों वाले निम्न और मध्यम आय वाले देशों में एक व्यवहार्य विकल्प होगा। इन देशों में वर्तमान में वैश्विक टीबी के 80% से अधिक मामले और बीमारी से होने वाली मौतें देखी जाती हैं।
प्रीलिम्स टेकअवे
- टीबी
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