विद्युत चुम्बक आधुनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुका हैं
- ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी विलियम स्टर्जन द्वारा वर्ष 1824 में आविष्कृत विद्युत चुम्बक आधुनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं, जो लाउडस्पीकरों, मोटरों, मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) मशीनों, मैग्लेव ट्रेनों और कण त्वरक में दिखाई देते हैं।
- जब विद्युत धारा किसी तार से होकर प्रवाहित होती है, तो यह उत्पन्न होती है
विद्युत चुम्बक (इलेक्ट्रोमैग्नेट)
- ये ऐसे उपकरण हैं जो विद्युत धारा को तार की कुंडली से प्रवाहित करने पर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।
- चुंबकीय क्षेत्र कुंडली के छिद्र में केंद्रित होता है।
- विद्युत धारा को समायोजित करके चुंबकीय क्षेत्र की ताकत को नियंत्रित किया जा सकता है। जब विद्युत धारा बंद कर दी जाती है, तो चुंबकीय क्षेत्र गायब हो जाता है।
- निर्माण और सामग्री: विद्युत चुम्बक में आमतौर पर लोहे जैसे लौहचुम्बकीय पदार्थों से बने चुंबकीय कोर के चारों ओर लपेटे गए तार का एक कुंडल होता है। चुंबकीय कोर कोर के भीतर चुंबकीय डोमेन को संरेखित करके चुंबकीय क्षेत्र की स्ट्रेंथ को बढ़ाता है।
अनुप्रयोग:
- इलेक्ट्रोमैग्नेट का उपयोग विभिन्न उद्योगों में भारी धातु की वस्तुओं को उठाने और स्थानांतरित करने, सामग्रियों को छांटने और गति उत्पन्न करने जैसे कार्यों के लिए किया जाता है।
- इनका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में इमेजिंग के लिए तथा इलेक्ट्रिक डोरबेल और कार्ड रीडर जैसे उपभोक्ता उपकरणों में भी किया जाता है।
प्रीलिम्स टेकअवे
- राइट हैण्ड थंब रूल

