पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम
- TCS ने 8,000 करोड़ रुपये तक की केंद्र की पासपोर्ट योजना के चरण 2 को हासिल किया।
- पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के दूसरे चरण को लागू करने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे फिर से चुना है।
- यह देश का अब तक का सबसे बड़ा मिशन क्रिटिकल ई-गवर्नेंस कार्यक्रम है।
पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम के बारे में
- पासपोर्ट सेवाओं की डिलीवरी में सुधार के लिए इसे वर्ष 2010 में पेश किया गया था।
- यह पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत पासपोर्ट जारी करने की केंद्रीकृत प्रणाली है।
- ऑनलाइन पासपोर्ट आवेदनों की स्थिति को आवेदक पासपोर्ट वेबसाइट या m-पासपोर्ट सेवा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं।
- विदेश मंत्रालय सभी संप्रभु कार्यों को संभालता है जबकि टीसीएस प्रबंधित संचालित प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग प्रणाली, IT और गैर IT अवसंरचनाएं, डेटा केंद्रों और आपदा वसूली कार्यों का प्रबंधन करती है।
महत्व
- इस कार्यक्रम ने पिछले छह वर्षों में एक बड़ा डिजिटल परिवर्तन पेश किया है।
- TCS ने अपनी स्थापना के बाद से पासपोर्ट से संबंधित सेवाओं की डिलीवरी, प्रक्रियाओं को डिजिटाइज़ करने और वैश्विक मानक स्थापित करने में बदलाव किया है।
- इसने पारदर्शिता और विश्वसनीयता में भी सुधार किया है।
पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम- चरण 2
- प्रस्तावित ई-पासपोर्ट में पासपोर्ट बुकलेट में चिप लगे होंगे जो डेटा को अधिक सुरक्षित बना सकते हैं और पढ़ने में आसान बना सकते हैं।
- TCS मौजूदा सुविधाओं और प्रणालियों को ताज़ा करेगा।
- यह बायोमेट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस डेटा एनालिटिक्स, चैटबॉट्स, ऑटो-रिस्पॉन्स, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और क्लाउड जैसी तकनीकों का उपयोग करके ई-पासपोर्ट जारी करने में सक्षम बनाने के लिए नए समाधान विकसित करेगा।
