लक्षपती दीदी - छत्तीसगढ़ में जीवन बदल रही है
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | लक्ष्मीपति दीदी योजना |
| शुरू की गई | केंद्र सरकार द्वारा |
| उद्देश्य | छत्तीसगढ़ में 35,000 महिलाओं को लक्ष्मीपति (घरेलू वार्षिक आय ₹1 लाख या अधिक) बनाना |
| कार्यान्वयन एजेंसी | दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) |
| मुख्य फोकस | स्वयं सहायता समूह (SHG) और स्थायी आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण |
| आय मानदंड | ₹1,00,000 या अधिक वार्षिक आय, जो चार कृषि/व्यवसाय चक्रों तक बनी रहे |
| मासिक आय लक्ष्य | ₹10,000 या अधिक |
| उपलब्धियाँ (2023) | 1 करोड़ महिलाएँ लक्ष्मीपति दीदी बनीं; लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ किया गया |
| शामिल स्वयं सहायता समूह | 83 लाख SHG, जिनमें 9 करोड़ महिलाएँ शामिल हैं |
| प्रभावित क्षेत्र | ग्रामीण सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, विशेषकर छत्तीसगढ़ (जैसे, लुंडरा विकास खंड) |
| उदाहरण (शोभा लकड़ा) | चंपा महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य; बकरी और भेड़ पालन में संलग्न; ₹1 लाख वार्षिक आय अर्जित करती हैं |

