भारत का हाइपरलूप मील का पत्थर और आईआईटी मद्रास में तकनीकी नवाचार
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| खबर में क्यों? | केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आईआईटी मद्रास में हाइपरलूप परीक्षण सुविधा का दौरा किया और आईआईटी मद्रास के गिंडी कैम्पस में ओपन हाउस 2025 में भाग लिया। |
| महत्वपूर्ण घोषणा | आईआईटी मद्रास में 410 मीटर लंबा हाइपरलूप ट्यूब जल्द ही दुनिया का सबसे लंबा हाई-स्पीड ट्यूब बन जाएगा। |
| हाइपरलूप प्रोजेक्ट | - रेलवे मंत्रालय द्वारा वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। - इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) चेन्नई हाइपरलूप के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रौद्योगिकी विकसित कर रही है। |
| आईसीएफ का योगदान | - आईसीएफ चेन्नई ने वंदे भारत ट्रेनों के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम विकसित किए हैं। - अब हाइपरलूप के लिए उन्नत इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर काम कर रही है। |
| ओपन हाउस 2025 प्रदर्शनी | - आईआईटी मद्रास के गिंडी कैम्पस में आईआईटी सेंटर फॉर इनोवेशन द्वारा आयोजित। - एआई, डेटा साइंस और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी में नवाचारों को प्रदर्शित किया गया। |
| मंत्री का संवाद | - छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत की। - नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहित किया। - नवाचार प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। |
| सेमीकंडक्टर विकास | - भारत में पांच परिचालन सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन यूनिट हैं। - इस साल के अंत तक पहला स्वदेशी रूप से निर्मित सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च किया जाएगा। |

