गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों का मूल्यांकन
- पहली बार सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में 'गिग वर्कर्स' और 'प्लेटफॉर्म वर्कर्स' की परिभाषा प्रदान की गई है।
मुख्य बिंदु:
- नीति आयोग द्वारा जून 2022 में प्रकाशित “भारत की तेजी से बढ़ती गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था” शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, देश में गिग श्रमिकों और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की संख्या वर्ष 2020-21 में 7.7 मिलियन थी, जो वर्ष 29-30 तक बढ़कर 23.5 मिलियन होने की उम्मीद है।
- रिपोर्ट में गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए दुनिया भर में अपनाए गए विभिन्न सामाजिक सुरक्षा उपायों पर भी प्रकाश डाला गया है और बताया गया है कि वे किस प्रकार भारत में गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
- सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में जीवन और विकलांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा आदि से संबंधित मामलों पर गिग श्रमिकों और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा उपाय तैयार करने का प्रावधान है।
- संहिता में कल्याणकारी योजना के वित्तपोषण के लिए एक सामाजिक सुरक्षा कोष स्थापित करने का भी प्रावधान है। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 113 में असंगठित श्रमिकों, गिग श्रमिकों और प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों के पंजीकरण का प्रावधान है। संहिता के प्रावधान अभी प्रभावी होने बाकी हैं।
- एग्रीगेटर्स और गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के प्रतिनिधियों के साथ बैठक सहित विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श किया गया है। NCAER, नीति आयोग और अन्य ज्ञान भागीदारों जैसे संगठनों के साथ भी बैठकें हुई हैं और गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।
- यह जानकारी केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
प्रीलिम्स टेकअवे:
- NCAER
- नीति आयोग

