अग्नि प्राइम
- 28 से 29 जून के बीच किसी भी समय ओडिशा तट से दूर एक रक्षा सुविधा से अग्नि- I के एक प्रकार का उड़ान परीक्षण किया जाएगा।
- अग्नि-प्राइम तीसरी पीढ़ी की मिसाइल होगी जिसे 1000-1500 किमी रेंज के साथ विकसित किया गया था।
- अग्नि प्राइम को 4000 किलोमीटर की रेंज वाली अग्नि-4 और 5000 किलोमीटर की अग्नि-वी मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली अत्याधुनिक तकनीकों के साथ विकसित किया गया है।
- यह दो चरणों और ठोस ईंधन वाली मिसाइल है।
- दोनों चरणों में मिश्रित रॉकेट मोटर्स हैं और मार्गदर्शन प्रणाली इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएटर्स से लैस हैं।
- यह 1,000 किलो (2,200 पाउंड) या परमाणु हथियार का पारंपरिक पेलोड ले जाने में सक्षम है।
- मिसाइल को लॉन्च करने में लगने वाले समय को कम करने के लिए इसका कनस्तर संस्करण होगा।
- इसमें सड़क और रेल-मोबाइल लॉन्चर दोनों से फायर करने की सुविधा होगी।
- मिश्रित सामग्री के उपयोग के कारण अग्नि प्राइम मिसाइल के पिछले संस्करण की तुलना में कम वजन का होगा।
- यह उन्नत रिंग-लेजर गायरोस्कोप पर आधारित जड़त्वीय नेविगेशन सिस्टम द्वारा निर्देशित होगा।
अग्नि- I:
- यह भारत की पहली मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है।
- इसका मई 1989 में पहला परीक्षण किया गया था।
- इसकी स्ट्राइक रेंज 700 किमी से 900 किमी की है।
- इसे 2004 में सशस्त्र बलों में शामिल किया गया था ।
- अग्नि प्राइम की अग्नि- I मिसाइल की जगह लेने की उम्मीद है।
- भारत के पास अपनी सबसे महत्वाकांक्षी अग्नि श्रृंखला में पांच मिसाइलें हैं।